फिल्म पद्मावत के बाद अब पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ़ बनी इस फिल्म पर छिड़ा विवाद, नाम जानकर यकीन नहीं कर पायेंगे

याद तो होगा ही आप सबको कि अभी कुछ समय पहले देश दंगों, विवादों और ना जाने कितनी बड़ी-बड़ी धमकियों के दौर से गुज़र रहा था. वजह थी संजय लीला भंसाली की विवादित फिल्म ‘पद्मावत’. फिल्म पद्मावत रानी पद्मिनी, राजा रतन सिंह और खिलज़ी पर आधारित एक फिल्म है, जिसके बारे में एक खबर आई कि इस फिल्म में कुछ ऐसे सीन्स, कुछ ऐसे किस्से दर्शाए गए हैं जो असल में इतिहास में हैं ही नहीं. जायज़ है इस बात से आहत करणी सेना ने कसम खा ली कि कुछ भी हो जाये लेकिन वो फिल्म रिलीज़ होने ही नहीं देंगें. खैर समय बीता और हज़ार सफ़ाई दी गयी और आखिरकार जोड़ भाग कर के पद्मावत को रिलीज़ कर दिया गया.

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पद्मावत के बाद एक और फिल्म पर छिड़ा बवाल:

जी हाँ, देखा जाये तो करणी सेना अभी भी पूरी तरह से पद्मावत पर विवाद खत्म नहीं कर पाई है ऐसे में इसी कड़ी में जुड़ते हुए एक और फिल्म जुड़ गयी है. बताया जा रहा है कि इस फिल्म का नाम है ‘रंगीला रसूल’ और इस फिल्म से निशाना साधा गया है मुसलमानों के ख़ास पैगंबर मोहम्मद पर. इस मुद्दे पर बात करते हुए युवा सेवा समिति का कहना है कि फिल्म रंगीला रसूल के रिलीज होने पर मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत होंगी इसलिए इस फिल्म को रिलीज ही नहीं होने दिया जाएगा.

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जानकारी के लिए बता दें कि इसी मुद्दे पर रविवार को फैज-ए-आम कॉलेज परिसर में आयोजित समिति की बैठक में अध्यक्ष बदर अली ने आरोप लगाते हुए कहा कि, “26 फरवरी को रंगीला रसूल के नाम से रिलीज होने जा रही इस फिल्म के माध्यम से पैगंबर मोहम्मद साहब के बारे में गलत एवं आपत्तिजनक तथ्य दर्शाए गए हैं. इससे मुस्लिमों की धार्मिक भावनाओं को आहत पहुंचाने का प्रयास किया गया है. ऐसे में हम पैगंबर मोहम्मद साहब की शान में गुस्ताखी को बर्दाश्त नहीं करेंगे और किसी भी सूरत में युवा सेवा समिति इस फिल्म को भारत के किसी भी स्थान पर रिलीज नहीं होने देगी.”

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इतना कहने के बाद मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि उन्होंने केंद्र सरकार और सेंसर बोर्ड से मांग की है कि इस फिल्म पर तत्काल प्रभाव से रोक लगायी जाये और अगर ऐसा नहीं होता है और फिल्म रिलीज़ हो जाती है तो समिति संपूर्ण मुस्लिम समाज को साथ लेकर नबी की शान में गुस्ताखी करने वाले फिल्म निर्माता एवं डायरेक्टर के खिलाफ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी.

ऐसे में अब देखना ये है कि क्या इस फिल्म पर रोक लगायी जाती है या फिर पद्मावत की ही तरह इस फिल्म को भावनाओं को आहत करने के लिए रिलीज़ कर दिया जाता है.

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